गजल- जनता-हितेषियों की, सरकार कैसी आई? औटाया दूध हमने, वो खा गए मलाई।। है दूध यूरिया का, घी में मिली है चर्बी, बीमारी बढ़ रही है, नकली मिले दवाई। अपनी भलाई करते, दिन-रात व्यस्त दीखे, मंचों की फूल माला, देती उन्हें बधाई। खा-खा मलाई-मक्खन, औरों के बन्द ढक्कन, भाषण से कर रहे हैं, जनता की […]
गजल- आज धोखाधड़ी के जोर बढ़ रहे यारो। पक्ष ईमान के कमजोर पड़ रहे यारो।। घूसखोरी हो, मिलाबट हो, या घुटाले हों, भ्रष्ट-आचरण अब हर ओर बढ़ रहे यारो। फँसी पड़ी है हर सरकार खुद घुटालों में, भ्रष्ट गठजोड़ अब जेलों में सड़ रहे यारो। एक तो चोरी और दूसरा करें सीना जोरी, चोर कोतवाल […]
गजल- जिन्होंने उम्र भर रिश्ते निभाने की कसम खाई न जाने क्या हुआ उनको न आने की कसम खाई।। उन्हीं की मद भरी मुस्कान से कुछ पूछ मत लेना, फरेवों ने कभी क्या सच बताने की कसम खाई। जिन्हें कंधे पे बैठाकर कभी चंदा दिखाया था, उन्होंने ही मुझे नीचा दिखाने की कसम खाई। जन्म […]
गजल हो जिसमें लोकहित वो साधना हम भूल बैठे हैं। दीन के दुख-दर्द की हर कामना हम भूल बैठे हैं। हुए हैं रात-दिन हम व्यस्त केवल धन कमाने में, फँसे माया में प्रभु की वन्दना हम भूल बैठे हैं। मिले सुख-शांति इस जग को मतलब नहीं कोई, सुखों की चाह में संवेदना हम भूल बैठे […]
गीत – लक्ष्य भी तुझ को है पाना 🌹🌹🌹 ज्ञान का भंडार तू है, सत्य का अप्रतिम खज़ाना। दूर मत हो तू स्वयं से, लक्ष्य भी तुझ को है पाना।। भ्रम भरा जीवन जगत का, सत्यता को मान ले। बोध करके, बुद्ध बन जा, तू स्वयं को जान ले। कर वरण जग-चेतना का, छोड़ दे […]
घर घर बने अखाड़े हैं वीरों ने ही अपने दम पर, रिपु के पैर उखाड़े हैं, लेकर के तलवार हाथ में, उन पर सदा दहाड़े हैं।। कितने ही आतंकी आए, सबने जोर दिखाया है। भारत आए चोर-लुटेरे लूट-लूट धन खाया है। कितनों का हम नाम बताएँ, भूले सभी पहाड़े हैं।। वीरों… अंग्रेजों ने किया बहाना, […]