गजल- धरा पर दुखों का वपन हो रहा है। वतन से अमन बेवतन हो रहा है।। लुटेरे घुसे हैं हमारे वतन में, सरेआम धन का ग़बन हो रहा है। अहिंसा की छाती पे हिंसा चढ़ी है, खुला सरकशी का हवन हो रहा है। चमन की हिफाज़त जिसे हमने सौंपी, उन्हीं के ही द्वारा पतन हो […]
. गीत जीवन का हर गान छंद है 🌹 जीवन का हर गान छंद है, जगती में धनवान छंद है। किसी तरह भी इसको देखो, घर के बाहर मान छंद है। 🌹 मन अंदर अभिमान छंद है, प्यासे को नित पान छंद है। गुणी जनों के अंदर देखो, भरी गुणों की खान छंद है। 🌹 […]
गजल – कुछ कहते हैं काम बहुत है। सच है, पर आराम बहुत है। चलने से जो भी कतराए, कहें, शहर में घाम बहुत है। पैदल चलने में मुश्किल है, एक बहाना जाम बहुत है। पीने को अंगूरी लेते, चाहे उसका दाम बहुत है। दर्द हुआ है हाथ पैर में, हर घर में अब बाम […]
. देश के वीर शहीदों को याद करते हुए एक गीत- 💥💥💥💥💥💥💥💥 भारत की महिमा बतलाते, मेरी माटी मेरा देश। वीर सपूतों की है जननी, अतिशय वैभवशाली। इसकी प्रकृति सलोनी, सुंदर, है नूतन मतवाली। सत्य सनातन की शैली ने, भारत किया विशेष।। भारत… रहन-सहन इसका है अनुपम, अलग-अलग हैं बोली। वेद पुराणों से है पूरित, […]
चुप-चुप रोना छोड़ दिया आज तुम्हें बतलाऊँ मन की, चुप-चुप रोना छोड़ दिया।। जब से माँ है स्वर्ग सिधारी, तब से मैं बन गया पुजारी। उसकी ममता याद करूँ मैं, सब बातों को ध्यान धरूँ मैं। उसकी प्यार भरी गोदी का, सुखद बिछौना छोड़ दिया।। आज… जीवन में सुख-दुख आते हैं, ये सब को ही […]