अनमोल गीत – किसी बात के दुख को लेकर, रोते रहना ठीक नहीं, सभी तरफ खुशियाँ चाहो तो, सोते रहना ठीक नहीं।। जीवन तो चलता रहता है, इसको खूब सँवारें हम, भूली-बिसरी बातों को नित, ढोते रहना ठीक नहीं।। जीवन है ‘अनमोल’ सभी का, इस पर हम सब गर्व करें, अपने जीवन में काँटों को, […]
गजल – हर दिशा अपमान ही अपमान है, ना कहीं साहित्य का सम्मान है। आ गया युग चारणी फिर लौटकर, काव्य मुख पर याचकी पहचान है। ईश के समकक्ष था जो कवि कभी, आजकल दरबार का दरबान है। दूर की जिसने सभी की मन व्यथा, वह विदूषक मंच का प्रतिमान है। पान कर मदिरा के […]
. 🌹🌹🌹 गजल- व्यस्त होने का बहाना हो गया। उनको आए इक ज़माना हो गया।। देख कर उनको अचानक राह में, दिल हमारा आशिकाना हो गया। चाँद का दर्शन अचानक यूँ हुआ, बहुत मुश्किल दिल बचाना हो गया। हिज्र की पीड़ा सताती ही रही, दर्द का दिल में ठिकाना हो गया। आपको हमसे मुहब्बत हो […]
गजल- जनता-हितेषियों की, सरकार कैसी आई? औटाया दूध हमने, वो खा गए मलाई।। है दूध यूरिया का, घी में मिली है चर्बी, बीमारी बढ़ रही है, नकली मिले दवाई। अपनी भलाई करते, दिन-रात व्यस्त दीखे, मंचों की फूल माला, देती उन्हें बधाई। खा-खा मलाई-मक्खन, औरों के बन्द ढक्कन, भाषण से कर रहे हैं, जनता की […]
गजल- आज धोखाधड़ी के जोर बढ़ रहे यारो। पक्ष ईमान के कमजोर पड़ रहे यारो।। घूसखोरी हो, मिलाबट हो, या घुटाले हों, भ्रष्ट-आचरण अब हर ओर बढ़ रहे यारो। फँसी पड़ी है हर सरकार खुद घुटालों में, भ्रष्ट गठजोड़ अब जेलों में सड़ रहे यारो। एक तो चोरी और दूसरा करें सीना जोरी, चोर कोतवाल […]
गजल हो जिसमें लोकहित वो साधना हम भूल बैठे हैं। दीन के दुख-दर्द की हर कामना हम भूल बैठे हैं। हुए हैं रात-दिन हम व्यस्त केवल धन कमाने में, फँसे माया में प्रभु की वन्दना हम भूल बैठे हैं। मिले सुख-शांति इस जग को मतलब नहीं कोई, सुखों की चाह में संवेदना हम भूल बैठे […]