गजल हो जिसमें लोकहित वो साधना हम भूल बैठे हैं। दीन के दुख-दर्द की हर कामना हम भूल बैठे हैं। हुए हैं रात-दिन हम व्यस्त केवल धन कमाने में, फँसे माया में प्रभु की वन्दना हम भूल बैठे हैं। मिले सुख-शांति इस जग को मतलब नहीं कोई, सुखों की चाह में संवेदना हम भूल बैठे […]
गीत – लक्ष्य भी तुझ को है पाना 🌹🌹🌹 ज्ञान का भंडार तू है, सत्य का अप्रतिम खज़ाना। दूर मत हो तू स्वयं से, लक्ष्य भी तुझ को है पाना।। भ्रम भरा जीवन जगत का, सत्यता को मान ले। बोध करके, बुद्ध बन जा, तू स्वयं को जान ले। कर वरण जग-चेतना का, छोड़ दे […]
घर घर बने अखाड़े हैं वीरों ने ही अपने दम पर, रिपु के पैर उखाड़े हैं, लेकर के तलवार हाथ में, उन पर सदा दहाड़े हैं।। कितने ही आतंकी आए, सबने जोर दिखाया है। भारत आए चोर-लुटेरे लूट-लूट धन खाया है। कितनों का हम नाम बताएँ, भूले सभी पहाड़े हैं।। वीरों… अंग्रेजों ने किया बहाना, […]
हिंदी गजल हर आदमी को मूर्ख बनाने लगे हैं लोग। क़ानून का मज़ाक उड़ाने लगे हैं लोग।। सत्कर्म को भूला के अपने ही भाल पर, दुर्भाग्य की लकीर बनाने लगे हैं लोग। भूकम्प पीड़ितों की राहत के नाम पर, जो हक़ मिला छीनकर खाने लगे हैं लोग। छन्दों का ज्ञान और न ही काव्य-कल्पना, क्यूँ […]
गीत- ये झरोखे हैं प्रदूषित ये झरोखे हैं प्रदूषित, विष-हवा नित आ रही। पश्चिमी आवेश वाली, गीत ये सिखला रही।। तिमिर के उजले घरों में, जो मनुज हैं रह रहे। कीट गोमय का बने वे, उच्च शिक्षा कह रहे। योग की आवो-हवा में, भोग वायु जा रही।। ये झरोखे…. मन भ्रमित अति कर दिए हैं, […]
गजल- 💥💥💥 हम बदलने पर लगे हैं फैसला इतिहास का। वे प्रदूषित कर रहे हैं व्याकरण विश्वास का।। तुमने नादिरशाह लाकर, लूट ली शालीनता, हम भुलाने पर तुले है, दंश उस संत्रास का। तुम तभी लाए हलाकू कारनामी काफिले, हम सजाने जब लगे, नक्शा नए आवास का। तुमने देके आग, झुलसाई सुघड़ता फूल की, हम […]