Skip to content
गजल- न आने की कसम खाई
गजल – वंदना हम भूल बैठे हैं
लक्ष्य भी तुझ को है पाना
गीत- घर घर बने अखाड़े हैं 
हिंदी गजल- मूर्ख बनाने लगे हैं लोग
Menu

.
गीत
जीवन का हर गान छंद है
🌹
जीवन का हर गान छंद है,
जगती में धनवान छंद है।
किसी तरह भी इसको देखो,
घर के बाहर मान छंद है।
🌹
मन अंदर अभिमान छंद है,
प्यासे को नित पान छंद है।
गुणी जनों के अंदर देखो,
भरी गुणों की खान छंद है।
🌹
मधुर शब्द को कान छंद है,
राग-रागिनी तान छंद है।
विद्या वाला दान छंद है,
रसिक जनों को पान छंद है।
🌹
प्यार भाव सम्मान छंद है,
जीवन में पहचान छंद है।
हैं अनमोल रूप सब सारे,
काव्य रूप में ज्ञान छंद है।।
🌷🌷
आचार्य अनमोल
दिल्ली
मो० 9968014568

प्रतिक्रिया दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *