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गीत-रक्षाबंधन
गजल सत्य की नौका पार लाएगी
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————— *रक्षाबंधन* ————-

भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, भ्रातृत्व और सौहार्द के प्रतीक रक्षाबंधन
की सभी को शुभकामनाएँ
🌹🌹🌹

रक्षाबंधन पर्व निराला,
भारत ने अपनाया है।
इसके पावन यश-वैभव को,
ऋषि-मुनियों ने गाया है।।

भाई-बहन का पावन नाता,
यह उत्सव बतलाता है।
बहना की रक्षा की खातिर,
रक्षाबंधन आता है।।

रक्षा का दायित्व निभाने,
राखी याद दिलाती है।
बहना भी अपने भैया को,
सुंदर भोज्य खिलाती है।।

भाई भी तब निज बहना को,
वचन-सुरक्षा देता है।
इसके बदले निज बहना से,
स्नेह हृदय का लेता है।।

जब भी बहना थी विपदा में,
रक्षा-राखी भिजवाई।
भ्रातृ-प्रेम संबंध निभाकर,
रक्षा अपनी करवाई।।

राखी बंधन सदा प्रेम का,
इसको सदा निभाना है।
इससे अजर-अमर हैं सारे,
इसको ही अपनाना है।।

ह़ै ‘अनमोल’ भाव का धागा,
जिससे हम सब बँधे हुए,
भारत की रक्षा के हित में,
एक सूत्र में गुँधे हुए।।

🙏🙏
*आचार्य अनमोल*

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