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हिंदी गजल-
🌹🌹🌹
प्रार्थना स्वीकार कर
आ गया अपना सभी कुछ वार कर।
अब तो मेरे प्यार पर ऐतवार कर।।

प्यार करना कोई आसां खेल है?
जीत पाई अपना सब कुछ हार कर।।

प्रीति-पथ पर है कठिन चलना बहुत,
नग्न-पग शोलों का दरिया पार कर।।

लोग तेरे आचरण की दें मिसाल,
इतना ऊँचा अपना तू किरदार कर।।

तू बचाना मुझको हर जंजाल से,
प्रार्थना बस ये मेरी स्वीकार कर।।

पुण्य केवल साथ में जाएगा तेरे,
मत इकट्ठा माल, कोठी, कार कर।।

हमसफर हैं दुख तेरे ‘अनमोल’ सब,
इनसे मत बच इनको अंगीकार कर।।
🙏🙏
– आचार्य अनमोल

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